Tuesday, 28 July 2015

प्रणाम एवं वंदन

सर्वप्रथम आप सभी को मेरा प्रणाम और वंदन पहुंचे। परम पिता परमेश्वर की प्रेरणा से आप सब तक पहुचने का इस ब्लॉग के माध्यम से प्रयास किया है।  ब्लॉग शुरू  करने से पूर्व एक बात बहुत साफ़ कर देना चाहता हूँ कि इस ब्लॉग में जो कुछ भी विचार, घटनाये या मंथन प्रस्तुत किया जायेगा उसमे मेरी व्यक्तिगत योग्यता कुछ भी नहीं है। जो कुछ भी मैंने संतो, आचार्यो और हमारे ग्रंथो से पाया है और जो  मेरे परम पिता परमेश्वर लिखवा देंगे वही आप तक पहुंचेगा। अतः अगर कुछ त्रुटियाँ  रह जाये या जो कुछ भी आपको पसंद न आये उसके लिए मै अग्रिम क्षमा चाहता हूँ और अगर कोई बात अापको  अच्छी लग जाये तो वो हमारे गुरुजनो और संतो का प्रसाद समझ कर ग्रहण कर लीजिये। सबसे पहले ये साफ़ कर देना ठीक होगा की इस ब्लॉग की जरूरत क्यों हुई और इसकी क्या प्रासंगिकता है ?

आज हम सभी भयानक कलि काल से गुजर रहे हैं और हम सभी शाश्वत सुख की खोज में लगे है और उस सुख के लिए ही हम यत्र - तत्र भटक रहे है और इस सुख की प्राप्ति के लिए जन्म जन्मांतरों से हमारी ये परम सुख की खोज अनवरत जारी है। हम सभी लोग समस्याओ से मुक्त जीवन और हर समय आनंद में रहना चाहते है परन्तु समस्या यह है कि  हम लोग सुख वहाँ  ढूंढ़ते है जहाँ ये है नहीं और निरंतर इस सुख और परम शांति की खोज की यह यात्रा यूँ  ही एक जनम से दूसरे जन्मो तक चलती रहती है।

हमारा यह प्रयास रहेगा की इस ब्लॉग के  माध्यम से हम एक दूसरे से अपने विचारो को साँझा  कर सके और हमारी प्राचीन संस्कृति  से अधिक लाभ प्राप्त करे। मुझे पूर्ण विश्वास है कि  आप सभी लोग अपनी इस यात्रा के दौरान अपने विचार और संदेह भी शेयर करेंगे। अंततः हम सभी उस परमेश्वर के दास है और अंततः उसकी शरणागति ही हमें सच्चा आनंद और सच्ची शांति प्राप्त हो सकती है।

हम आगे भी आध्यात्मिक और तत्व दर्शन के साथ इस ब्लॉग के माध्यम से आपके सतत संपर्क में रहेंगे।

ॐ शांति। .
संपर्क सूत्र :
9892724426
arvind.trivedi79@gmail.com

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