जीवन रहस्य - भाग-2
मुझे आप सभी को यह बताते हुए आनंद हो रहा है कि मै आप लोगो तक सफलतापूर्वक पहुंच रहा हूँ। पिछले 2 - 3 दिनों से कई लोगो ने कॉल कर के कांटेक्ट भी किया और आगे भी लिखने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इन प्यार भरी प्रतिक्रियाओ के लिए मई आप सभी को धन्यवाद देता हूँ। आज गुरु पूर्णिमा का पवन दिन है , आइये हम सभी अपने अपने गुरुजनो के चरणो में श्रद्धाभाव से प्रणाम करते हुए अपनी यात्रा जारी रखते है।
कल हम ने कुछ भौतिक जीवन के बारे में चर्चा शुरू की थी। वर्तमान में हम सभी लोग इस भौतिक जगत में जीवन जी रहे है। किसी से भी पूछो कि आप कैसे हो ? (How are you ?) तो बड़ा सीधा और रत रटाया जवाब आता है कि मै ठीक हूँ (I am fine ). मेरी समझ से ये ही दुनिया का सबसे बड़ा झूठ है जो हम एक दूसरे से बोलते है। थोड़ा सहज होने के बाद अगर आप फिर से यही प्रश्न करे तो जवाब बहुत अलग आता है। कुछ महान भगवद भक्तो को छोड़ दे तो मेरा आज तक तो यही अनुभव रहा है की हर आदमी आज दुखी है, तकलीफ में है और चिन्ताओ से निरंतर घिरा हुआ है। किसी को नौकरी की टेंशन, किसी को पारिवारिक टेंशन , किसी को पडोसी से टेंशन, किसी को अधिक से अधिक धन कमाने की टेंशन , किसी को दुसरो की तरक्की से टेंशन और पता नहीं कितनी कितनी प्रकार की टेंशन ? भगवन बचाये इस तरह की चिन्ताओ से।
अगर शांति से सोचे तो हम किस बात की चिंता करते है ? आने वाले कल की , जिस पर हमारा कोई जोर नहीं है या नियंत्रण नहीं है। फिर भी हम है कि दिन रात चिंता में घुले जा रहे है। यह जगत कभी किसी के लिए नहीं रुका है और न ही कभी रुकेगा। हम आप रहे या न रहे ये संसार यूँ ही चलता रहेगा तो किस बात की चिंता करे और क्यों करे? जब चिंता करने के लिए एक परम शक्ति जगत का आधार है तो हम क्यों अपन आप को कष्ट देते रहते है। इसका एक ही कारण है कि हम किसी पर विश्वास नहीं करते ,हम लोगो में भरोसे की कमी हो गयी है और दूसरे भी कारण है जिन पर हम आगे चर्चा करेंगे। किसी पर भरोसा न होना भी हमारे दुखो का एक अहम कारण है। हमारा भरोसा किसी पर भी नहीं है न जीते जागते इंसानो पर और न ही उस परम पिता परम शक्ति ईश्वर पर। एक बात तो सुनिश्चित है कि अगर हम जीवन में भरोसा करने लग जाये तो बहुत सी समस्याएं अपन ेआप हल हो जाती है।
एक छोटा सा उदहारण देना चाहूंगा कि अगर हम किसी वाहन जैसे ट्रेन , बस, या हवाई जहाज में यात्रा करते है तो हम उसके चालक पर यानि ड्राइवर पर भरोसा करते है। बिना भरोसे के आप एक दिन भी इस संसार में जी ही नहीं सकते। आपको अपने आस पास जो भी उन पर भरोसा करना ही होता है अगर नहीं करेंगे तो व्यर्थ यानि बिना मतलब की उलझनों को पाल कर अपना जीवन ख़राब करोगे। इसी तरह अगर आप इस संपूर्ण प्रकृति के मालिक, जिसके इशारो पर ये संपूर्ण ब्रम्हांड का सिस्टम चल रहा है उस पर भरोसा नहीं करोगे तो आप इस जगत में कभी भी आनंद और शुकुन से नहीं जी सकते।
ॐ शांति।।
9892724426
arvind.trivedi79@gmail.com
मुझे आप सभी को यह बताते हुए आनंद हो रहा है कि मै आप लोगो तक सफलतापूर्वक पहुंच रहा हूँ। पिछले 2 - 3 दिनों से कई लोगो ने कॉल कर के कांटेक्ट भी किया और आगे भी लिखने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इन प्यार भरी प्रतिक्रियाओ के लिए मई आप सभी को धन्यवाद देता हूँ। आज गुरु पूर्णिमा का पवन दिन है , आइये हम सभी अपने अपने गुरुजनो के चरणो में श्रद्धाभाव से प्रणाम करते हुए अपनी यात्रा जारी रखते है।
कल हम ने कुछ भौतिक जीवन के बारे में चर्चा शुरू की थी। वर्तमान में हम सभी लोग इस भौतिक जगत में जीवन जी रहे है। किसी से भी पूछो कि आप कैसे हो ? (How are you ?) तो बड़ा सीधा और रत रटाया जवाब आता है कि मै ठीक हूँ (I am fine ). मेरी समझ से ये ही दुनिया का सबसे बड़ा झूठ है जो हम एक दूसरे से बोलते है। थोड़ा सहज होने के बाद अगर आप फिर से यही प्रश्न करे तो जवाब बहुत अलग आता है। कुछ महान भगवद भक्तो को छोड़ दे तो मेरा आज तक तो यही अनुभव रहा है की हर आदमी आज दुखी है, तकलीफ में है और चिन्ताओ से निरंतर घिरा हुआ है। किसी को नौकरी की टेंशन, किसी को पारिवारिक टेंशन , किसी को पडोसी से टेंशन, किसी को अधिक से अधिक धन कमाने की टेंशन , किसी को दुसरो की तरक्की से टेंशन और पता नहीं कितनी कितनी प्रकार की टेंशन ? भगवन बचाये इस तरह की चिन्ताओ से।
अगर शांति से सोचे तो हम किस बात की चिंता करते है ? आने वाले कल की , जिस पर हमारा कोई जोर नहीं है या नियंत्रण नहीं है। फिर भी हम है कि दिन रात चिंता में घुले जा रहे है। यह जगत कभी किसी के लिए नहीं रुका है और न ही कभी रुकेगा। हम आप रहे या न रहे ये संसार यूँ ही चलता रहेगा तो किस बात की चिंता करे और क्यों करे? जब चिंता करने के लिए एक परम शक्ति जगत का आधार है तो हम क्यों अपन आप को कष्ट देते रहते है। इसका एक ही कारण है कि हम किसी पर विश्वास नहीं करते ,हम लोगो में भरोसे की कमी हो गयी है और दूसरे भी कारण है जिन पर हम आगे चर्चा करेंगे। किसी पर भरोसा न होना भी हमारे दुखो का एक अहम कारण है। हमारा भरोसा किसी पर भी नहीं है न जीते जागते इंसानो पर और न ही उस परम पिता परम शक्ति ईश्वर पर। एक बात तो सुनिश्चित है कि अगर हम जीवन में भरोसा करने लग जाये तो बहुत सी समस्याएं अपन ेआप हल हो जाती है।
एक छोटा सा उदहारण देना चाहूंगा कि अगर हम किसी वाहन जैसे ट्रेन , बस, या हवाई जहाज में यात्रा करते है तो हम उसके चालक पर यानि ड्राइवर पर भरोसा करते है। बिना भरोसे के आप एक दिन भी इस संसार में जी ही नहीं सकते। आपको अपने आस पास जो भी उन पर भरोसा करना ही होता है अगर नहीं करेंगे तो व्यर्थ यानि बिना मतलब की उलझनों को पाल कर अपना जीवन ख़राब करोगे। इसी तरह अगर आप इस संपूर्ण प्रकृति के मालिक, जिसके इशारो पर ये संपूर्ण ब्रम्हांड का सिस्टम चल रहा है उस पर भरोसा नहीं करोगे तो आप इस जगत में कभी भी आनंद और शुकुन से नहीं जी सकते।
ॐ शांति।।
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